अब इंडियन बैंक ने नाम से जाना जाएगा इलाहाबाद बैंक, आज से लागू हुआ विलय

नए वित्तीय वर्ष 2020-21 की शुरूआत के साथ करीब 155 वर्ष पुराने इलाहाबाद बैंक का वजूद खत्म हो गया है। बुधवार, एक अप्रैल से इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में हो गया है।


इस विलय के साथ ही अब आपको इलाहाबाद बैंक का साइन बोर्ड भी कहीं नजर नहीं आएगा। इलाहाबाद बैंक के मंडलीय कार्यालय और मुख्य ब्रांच, सिविल लाइंस का साइन बोर्ड मंगलवार को ही बदल दिया गया था। अन्य शाखाओं का साइन बोर्ड बदलना फिलहाल लॉकडाउन के कारण संभव नहीं है इसलिए उन्हें लॉकडाउन खत्म होने के बाद बदला जाएगा। 

इस विलय को लेकर आल इंडिया इलाहाबाद बैंक इंप्लाइज को-आर्डिनेशन कमेटी के उप महामंत्री मदन उपाध्याय ने कहा कि ग्राहकों को सेवाओं में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। कर्मचारियों का संगठन अभी पहले की तरह ही चलता रहेगा। 

आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन दोनों बैंकों की यूनियनों के साथ बातचीत कर के नए प्रारूप पर फैसला लेगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विलय से इलाहाबाद बैंक के लोगो पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अब दोनों बैंकों के लोगो साथ दिखेंगे। इंडियन बैंक का लोगो ऊपर और इलाहाबाद बैंक का नीचे रहेगा। 

बता दें कि इलाहाबाद बैंक की स्थापना सन् 1865 में प्रयागराज( तब इलाहाबाद) में ही हुई थी। शुरुआत में इसका मुख्यालय भी यहीं था। हालांकि बाद में मुख्यालय कोलकाता में बना दिया गया। अब विलय के बाद आज से इलाहाबाद बैंक की शाखाएं इंडियन बैंक की शाखा के रूप में जानी जाएंगी।

मालूम हो कि इस विलय का एलान केंद्र सरकार की ओर से पिछले साल अगस्त में ही कर दिया गया था। इसके बाद मार्च में केंद्रीय कैबिनेट की ओर से इस फैसले को मंजूरी मिली थी।